प्रस्तावित पेपर फ़ैक्ट्री और पर्यावरण
मैंने प्रस्तावित पेपर फ़ैक्ट्री के मुद्दे पर स्पष्ट और निरंतर रुख़ अपनाया, क्योंकि यह मामला सीधे मेरे क्षेत्र के हितों से जुड़ा था और इसका जनता पर बड़ा प्रभाव था। 10,000 से अधिक लोग इस परियोजना के वर्तमान स्वरूप के विरोध में एकजुट हुए, जो श्री चमकौर साहिब में भाजपा की उपस्थिति और विश्वसनीयता स्थापित करने में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बना।
मेरा रुख़ कभी भी विकास के विरुद्ध नहीं था। मैंने हमेशा कहा है कि हमारे क्षेत्र में फ़ैक्ट्री का स्वागत है, लेकिन विकास जनहित, पर्यावरण और हमारी ऐतिहासिक विरासत की क़ीमत पर नहीं हो सकता।
इस मुद्दे ने ज़मीन और उसके पहले हुए परिवर्तन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए, जिनमें पंचायती ज़मीन का मामला और बाद में उसे बंजर ज़मीन के रूप में दर्ज करना शामिल है।






